हमने जो है मिल के चुना बहारों का रस्ता
दूर हो तो सोचते हैं पास कैसे आयें
पास हो तो सोचते हैं कहीं बहक न जायें
अब सोचें हर पल कब होगा ये मिलन
चलेंगे उस डगर पर जहाँ बहारों का रास्ता
-better half 🙂

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